फुटबॉल में हैट्रिक क्या होती है?
हैट्रिक शब्द कहाँ से आया?
इसकी जड़ उन्नीसवीं सदी की क्रिकेट में है: जो गेंदबाज़ लगातार तीन गेंदों पर तीन खिलाड़ियों को आउट कर देता था, उसका क्लब उसे एक टोपी भेंट करता था। वहीं से यह मुहावरा खेल की भाषा में जम गया और फुटबॉल में एक ही मैच के तीन गोल का नाम बन गया।
फुटबॉल की संस्कृति में हैट्रिक व्यक्तिगत प्रदर्शन के सबसे ऊँचे पलों में गिनी जाती है। इसके साथ मैच की गेंद घर ले जाने की परंपरा भी जुड़ी है: तीन गोल करने वाले खिलाड़ी का गेंद पर दावा कई लीगों में एक अलिखित नियम बन चुका है।
कौन से गोल हैट्रिक में गिने जाते हैं?
एक ही मैच के कोई भी तीन गोल काफ़ी हैं; उनका लगातार होना या एक ही हाफ़ में होना ज़रूरी नहीं। पेनल्टी और सेट-पीस से किए गए गोल भी गिने जाते हैं। कप मुक़ाबलों में एक्स्ट्रा टाइम के दौरान किए गए गोल इसमें शामिल होते हैं; आख़िरी सीटी के बाद होने वाला शूटआउट नहीं, क्योंकि वे प्रयास मैच के गोल नहीं होते।
इसका एक ख़ास रूप भी है: जो खिलाड़ी सिर से, दाएँ पैर से और बाएँ पैर से एक-एक गोल करे, उसके नाम परफ़ेक्ट हैट्रिक दर्ज होती है। और जो तीन गोल बीच में किसी दूसरे खिलाड़ी के गोल के बिना हो जाएँ, उन्हें अक्सर हैट्रिक तक की बेदाग़ दौड़ कहा जाता है।
आँकड़ों में हैट्रिक कैसे दर्ज होती है?
हैट्रिक एक दुर्लभ घटना है, और इसीलिए वह फ़िनिशिंग की गुणवत्ता की प्रतीकात्मक दहलीज़ों में से एक बन जाती है। जो खिलाड़ी एक ही सीज़न में एक से ज़्यादा हैट्रिक बना ले, वह गोल करने के असाधारण दौर में है, और करियर भर की हैट्रिक की गिनती उन आँकड़ों में शामिल है जिनसे महान फ़ॉरवर्ड आपस में तौले जाते हैं।
टीम विश्लेषण के नज़रिए से हैट्रिक उन मैचों को चिह्नित करती है जिन्हें एक ही खिलाड़ी ने लगभग अकेले तय कर दिया। तीनों गोल किस तरह बँटे हैं, इसमें भी जानकारी छिपी है: पास से की गई तीन फ़िनिश शानदार सेवा की ओर इशारा करती हैं, जबकि दूर से किए गए गोल किसी व्यक्तिगत विस्फोट की ओर।
Shutli में यह शब्द
लाइव मैच में आप इवेंट फ़ीड से देख सकते हैं कि किसने कितने गोल किए हैं; और जब कोई स्ट्राइकर हैट्रिक के क़रीब पहुँचता है, तो उसी मैच के xG तथा मोमेंटम पैनल बताते हैं कि दबाव उसी गोल की तरफ़ बनता जा रहा है या नहीं।